गुवाहाटी शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक पलटन बाजार और गणेशगुड़ी क्षेत्र में लंबे समय से लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए पुलिस ने 2 नवंबर से एक नई ट्रैफिक योजना लागू करने की घोषणा की है। यह योजना विशेष रूप से व्यापारिक क्षेत्रों में वाहनों के दबाव को कम करने और आम नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के तहत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही की दिशा में बदलाव किया गया है और कुछ स्थानों पर पार्किंग प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
नई ट्रैफिक व्यवस्था के तहत पलटन बाजार क्षेत्र में सुबह और शाम के व्यस्त घंटों में वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा। गणेशगुड़ी की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है, ताकि सड़कों पर अत्यधिक भीड़ न हो। इसके अलावा, पुलिस ने इन इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ा दी है, जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा सके और जाम की स्थिति का वास्तविक समय में आकलन किया जा सके।
गुवाहाटी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में पलटन बाजार और गणेशगुड़ी में ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर हो गई थी, जिससे दैनिक यात्रियों, दुकानदारों और आपातकालीन सेवाओं को काफी परेशानी हो रही थी। नई योजना के तहत ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है, जो व्यस्त चौराहों पर यातायात को नियंत्रित करेंगे। अधिकारी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से जाम के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा और आवश्यकतानुसार योजना में सुधार किया जाएगा।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन कुछ लोगों ने नई व्यवस्था के प्रति सतर्कता भी जताई है। उनका कहना है कि यदि पुलिस की निगरानी सख्त नहीं रही तो कुछ वाहन चालक नियमों का उल्लंघन कर सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नई ट्रैफिक योजना का पालन करें और किसी भी असुविधा की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ट्रैफिक योजना और सीसीटीवी निगरानी से दीर्घकालिक समाधान नहीं मिलेगा, बल्कि सड़कों के चौड़ीकरण, पार्किंग व्यवस्था में सुधार और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम भी जरूरी हैं। फिलहाल, 2 नवंबर से लागू हो रही नई व्यवस्था पर सभी की नजरें टिकी हैं, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह योजना शहर के इस व्यस्त इलाके में कितनी प्रभावी साबित होती है।