गुवाहाटी, 3 नवंबर: खानपारा स्थित पशु चिकित्सा कॉलेज परिसर में आयोजित एग्रो-टेक स्टार्टअप कॉन्क्लेव ने कृषि और डेयरी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रति युवाओं की रुचि को नई दिशा देने का काम किया। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और युवाओं को कृषि आधारित नवाचारों से जोड़ना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, उद्यमियों और छात्रों ने बड़े उत्साह से भाग लिया।
कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित सेमिनार में कृषि में ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, फसल निगरानी, डेयरी में स्वचालित दूध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे डिजिटल उपकरण और डेटा-आधारित समाधान छोटे किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादकता में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं।
सेमिनार में युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे कम निवेश में भी नवीन तकनीकों के माध्यम से सफल व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है। साथ ही, सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचारों को मूर्त रूप देने में मदद मिल सके।
पशु चिकित्सा कॉलेज के विशेषज्ञों ने डेयरी क्षेत्र में तकनीकी हस्तक्षेप पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पशुओं की नस्ल सुधार, रोग निदान और टीकाकरण में डिजिटल टूल्स के उपयोग से दूध उत्पादन और गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा कि यह कॉन्क्लेव युवाओं को कृषि और डेयरी क्षेत्र में स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में ऐसे और भी आयोजन किए जाएंगे, जिससे राज्य में कृषि आधारित उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा और युवा पीढ़ी तकनीक का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकेगी।